देहरादून, 22 जुलाई 2026। जनपद देहरादून के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव शाह की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में उप जिला चिकित्सालय मसूरी, ऋषिकेश, विकासनगर, प्रेमनगर तथा राजकीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, सेलाकुई की चिकित्सा प्रबंधन समितियों की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अस्पतालों की आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने तथा वर्ष 2026-27 के बजट और विभिन्न विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक के दौरान अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार, आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही गत वित्तीय वर्ष के आय-व्यय विवरण की समीक्षा कर आगामी वित्तीय वर्ष के प्रस्तावित बजट का भी अनुमोदन किया गया।
सभी सरकारी अस्पतालों में होगा फायर सेफ्टी ऑडिट
सीडीओ अभिनव शाह ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में अग्निशमन विभाग के सहयोग से फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने उप जिला चिकित्सालय प्रेमनगर में एंबुलेंस की आवश्यकता को देखते हुए जिला योजना के अंतर्गत तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से वार्ड बॉय, कंप्यूटर सहायक एवं अन्य आवश्यक कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
एसएनसीयू और आयुष्मान योजना के बेहतर संचालन पर जोर
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने अस्पतालों में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) के प्रभावी संचालन, पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत योजना का अधिकतम लाभ दिलाने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यूजर चार्ज, चिकित्सा कार्मिकों की उपलब्धता, आधुनिक उपकरणों और अस्पतालों की अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मरीजों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन
सीडीओ अभिनव शाह ने कहा कि सभी अस्पतालों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ और एसएनसीयू जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां प्रसव संबंधी मामलों में अनावश्यक रेफरल की प्रवृत्ति समाप्त की जाए।
उन्होंने समिति के सदस्यों से अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करने तथा चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के लिए व्यावहारिक सुझाव देने का भी आह्वान किया।
विभिन्न अस्पतालों ने पेश किए करोड़ों रुपये के विकास प्रस्ताव
बैठक में विभिन्न अस्पतालों ने वर्ष 2026-27 के लिए अपने बजट एवं विकास प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
उप जिला चिकित्सालय प्रेमनगर
प्रेमनगर अस्पताल ने 1.40 करोड़ रुपये के बजट के साथ आठ प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिनमें—
- नई एंबुलेंस की खरीद
- वातानुकूलन (एसी) उपकरण
- वार्ड बॉय एवं कंप्यूटर सहायक की नियुक्ति
- भवन कर भुगतान सहित अन्य विकास कार्य शामिल हैं।
उप जिला चिकित्सालय विकासनगर
विकासनगर अस्पताल ने 1.76 करोड़ रुपये के बजट के साथ—
- सुरक्षा गार्डों की तैनाती
- फायर सेफ्टी सिस्टम की स्थापना
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का सेवा विस्तार
- लंबित भुगतान
- प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की नियुक्ति सहित सात प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
उप जिला चिकित्सालय मसूरी
मसूरी अस्पताल ने 1.78 करोड़ रुपये के विकास प्रस्ताव रखे। इनमें—
- बैंक खातों का हस्तांतरण
- लेबर रूम में एंटी-स्टेटिक एवं नॉन-स्लिप मैट
- दवा आपूर्ति के लंबित बिलों का भुगतान
- आईसीयू के लिए जनरेटर
- ऑक्सीजन प्लांट की सर्विसिंग
- अग्निशमन प्रणाली की स्थापना शामिल है।
एसपीएस चिकित्सालय ऋषिकेश
ऋषिकेश स्थित एसपीएस चिकित्सालय ने 5.52 करोड़ रुपये के बजट के साथ कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। इनमें—
- मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम (एमजीपीएस) का अनुरक्षण
- वातानुकूलन प्रणाली का रखरखाव
- फर्नीचर एवं रंग-रोगन
- साइनेज व्यवस्था
- सीटी स्कैन ऑपरेटर एवं ब्लड बैंक काउंसलर की नियुक्ति
- जनरेटर, रोगी वाहन एवं ऑक्सीजन सिलेंडर
- लिफ्ट अनुरक्षण
- बायोमेडिकल वेस्ट और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित लाइसेंसों का नवीनीकरण शामिल है।
राजकीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, सेलाकुई
राजकीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, सेलाकुई ने संस्थान में उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देते हुए 5.55 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप राणा, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, सीएमएस डॉ. परामर्श जोशी, विभिन्न चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, सांसद एवं विधायक प्रतिनिधि तथा चिकित्सा प्रबंधन समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।
