देहरादून, 7 सितंबर। ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला ने कहा कि विकास की राह में चुनौतियों का आना स्वाभाविक है। जैसे-जैसे संस्थान आगे बढ़ता है, चुनौतियां भी बड़ी और नई होती जाती हैं। मंजिल हासिल होने के बाद सफर आसान होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, बल्कि हर सफलता के साथ अगली चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए।

डॉ. कमल घनशाला ग्राफिक एरा के 34वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर संस्थान से 10 से 30 वर्षों तक जुड़े 585 शिक्षक एवं कर्मचारियों को उनकी दीर्घकालीन सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

स्थापना दिवस के अवसर पर ग्राफिक एरा के दोनों विश्वविद्यालयों में सुबह से ही उत्सव का माहौल रहा। कार्यक्रमों की शुरुआत ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में आयोजित समारोह से हुई, जहां चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला और वाइस चेयरपर्सन डॉ. राखी घनशाला ने केक काटा। इसके बाद 10 से 30 वर्ष तक संस्थान को सेवाएं देने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

33 वर्षों की यात्रा में कर्मचारियों का अहम योगदान

स्थापना दिवस का मुख्य समारोह देर शाम सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ। इस दौरान संस्थापक अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला और वाइस चेयरपर्सन डॉ. राखी घनशाला ने ग्राफिक एरा के मुख्य संरक्षक इंजीनियर आरसी घनशाला और ग्राफिक एरा एजुकेशनल सोसायटी की अध्यक्ष लक्ष्मी घनशाला का अभिनंदन किया।

डॉ. कमल घनशाला ने ग्राफिक एरा की 33 वर्षों की यात्रा को याद करते हुए कहा कि यह सफर केवल उपलब्धियों की कहानी नहीं है, बल्कि उन लोगों की मेहनत, समर्पण और अटूट विश्वास की कहानी भी है, जिन्होंने हर दौर में संस्थान का साथ दिया।

उन्होंने कहा कि संस्थान की आज की पहचान के पीछे अनगिनत लोगों की वर्षों की मेहनत और विश्वास की ताकत है। इन्हीं प्रयासों ने हर चुनौती के बीच ग्राफिक एरा को आगे बढ़ने की दिशा दी।

जेन-जी को समझने की जरूरत

चेयरमैन डॉ. घनशाला ने कहा कि हर सफलता के बाद पहले से बड़ी और अलग तरह की चुनौतियां सामने आती हैं। ऐसे में अपनी क्षमताओं का विस्तार करते हुए नई परिस्थितियों के लिए तैयार रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष लोगों की अपेक्षाएं और संस्थान की जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं।

उन्होंने जेन-जी का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पीढ़ी की सीखने की क्षमता पिछली पीढ़ियों की तुलना में अधिक है और इनके पास अपेक्षाकृत ज्यादा सूचनाएं उपलब्ध हैं। जेन-जी को समझने के लिए शिक्षकों को उनके स्तर तक पहुंचकर उनकी सोच, अपेक्षाओं और समस्याओं को समझना होगा।

गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

स्थापना दिवस समारोह में ग्राफिक एरा के शिक्षक-शिक्षिकाओं और पदाधिकारियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। शाम को चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने अपनी चर्चित प्रस्तुति ‘जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए, तुम देना साथ मेरा…’ सुनाकर समारोह को यादगार बना दिया।

उनकी प्रस्तुति के दौरान सैकड़ों शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर खुशी जाहिर की। इससे पूरा सभागार सितारों जैसी रोशनी से जगमगा उठा। फरमाइश पर उन्होंने ‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा…’ समेत कई गीत प्रस्तुत किए, जिन्हें खूब सराहना मिली।

ढोल की थाप पर कुलपति प्रो. (डॉ.) नरपिंदर सिंह ने भांगड़े के कदम मिलाए। डीन डॉ. डीआर गंगोडकर का मराठी गीत पर नृत्य, प्रो. डॉ. विशाल सागर की गजल, डॉ. जिगिशा आनंद का कथक और शिवानी पांडे का भरतनाट्यम भी दर्शकों को पसंद आया।

गायत्री सेमवाल एवं टीम के गढ़वाली लोकनृत्य, अभिषेक गुप्ता की टीम के नृत्य, प्रो-चांसलर डॉ. राकेश शर्मा की हरियाणवी शिक्षा से जुड़ी प्रस्तुति, साहिब सबलोक के गीत, राहुल केसरी के नृत्य, ईशा और जूही देशमुख की जोड़ी तथा निखिल वर्मा की बांसुरी की प्रस्तुति ने समारोह में रंग भर दिया।

30 वर्ष तक सेवा देने वाले भी हुए सम्मानित

समारोह में श्री अरविंद पुजारी, अनिल कुमार चौहान, डॉ. मोहन्तेश, अमरीश शर्मा, डॉ. मनीष कुमार बिष्ट, सुशील चंद्र डिमरी, नवनीत रतूड़ी, दीपक सिंह राणा, अनिल धस्माना, डॉ. अजय शर्मा, हरीश शर्मा, डॉ. डीआर गंगोडकर, डॉ. हिमांशु गोयल, डॉ. प्रतिभा नैथानी, डॉ. नेहा त्रिपाठी, अमर डबराल, सुबोध पुंडीर, साहिब सबलोक, प्रवीण सिंह, सीए प्रीति शर्मा और देवेंद्र सिंह समेत 585 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

इनमें 30 वर्ष से अधिक सेवा देने वाले कर्मचारियों से लेकर 10 वर्ष से अधिक समय से संस्थान से जुड़े शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल रहे।

समारोह में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की प्रभारी कुलपति डॉ. तबस्सुम नकवी, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा, प्रो-वीसी डॉ. संतोष एस. सर्राफ, भीमताल परिसर के निदेशक कर्नल अनिल नायर सहित विश्वविद्यालय के अन्य पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और कर्मचारी मौजूद रहे।

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