देहरादून, 9 अक्टूबर। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के 52 शिक्षकों ने दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाई है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने भी इस सूची में अपनी जगह बरकरार रखते हुए कृषि और खाद्य विज्ञान के क्षेत्र में देश में पहली रैंक हासिल की है। यह सूची अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एल्सेवियर के सहयोग से तैयार की है।

विश्वविद्यालय के अनुसार, डॉ. नरपिंदर सिंह की करियर के अब तक के शोध योगदान के आधार पर एग्रीकल्चर, फिशरीज एंड फॉरेस्ट्री में विश्व स्तर पर 116वीं रैंक है। वहीं, फूड साइंस में उन्हें दुनिया भर में 55वीं रैंक मिली है। इन दोनों क्षेत्रों में उनकी भारत में पहली रैंकिंग बताई गई है। उनकी यह उपलब्धि कृषि और खाद्य विज्ञान के क्षेत्र में किए गए शोध कार्यों को रेखांकित करती है।

शोध और नवाचार में ग्राफिक एरा की उपलब्धि

ग्राफिक एरा के 52 शिक्षकों का वैश्विक सूची में शामिल होना विश्वविद्यालय में विभिन्न विषयों पर हो रहे शोध, शोध प्रकाशनों और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों को दर्शाता है। विश्वविद्यालय के मुताबिक, शिक्षकों का शोध योगदान उसकी वैश्विक अकादमिक पहचान को मजबूत करने के साथ वैज्ञानिक ज्ञान के विस्तार और समकालीन चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस सूची में शामिल शिक्षकों में डॉ. अज़मल हुसैन, डॉ. ए. कर्णवाल, डॉ. मोहित बजाज, डॉ. जी. मुरली, डॉ. मोहम्मद वाज़िद, डॉ. मनोज दिवाकर, डॉ. मनु शर्मा, डॉ. अजय सिंह वर्मा, डॉ. विनय कुमार पांडेय, डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. मंगे राम और डॉ. राकेश कुमार सहित अन्य शिक्षक शामिल हैं।

डॉ. कमल घनशाला ने दी बधाई

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता शिक्षा की गुणवत्ता और गंभीर एवं प्रभावी शोध कार्यों का परिणाम है। ग्राफिक एरा शिक्षा और तकनीक को देश-दुनिया की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर विश्वविद्यालय के इतने अधिक शिक्षकों का इस सूची में शामिल होना शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सार्थकता को दर्शाता है।

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