सितंबर और अक्टूबर 2026 की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित; पात्र बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक मिलते हैं प्रतिमाह 3,000 रुपये

देहरादून। उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत जरूरतमंद और प्रभावित बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को यमुना कॉलोनी स्थित अपने कैंप कार्यालय से सितंबर और अक्टूबर 2026 की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की।

मंत्री ने बताया कि सितंबर 2026 में प्रदेश के 13 जिलों के 4,750 लाभार्थियों को 1 करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपये दिए गए। वहीं, अक्टूबर में 4,727 लाभार्थियों के खातों में 1 करोड़ 41 लाख 81 हजार रुपये भेजे गए। इस तरह दोनों महीनों में कुल 9,477 लाभार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख 31 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

हर महीने मिलते हैं 3,000 रुपये

रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना उन बच्चों के लिए सुरक्षा और आर्थिक संबल का माध्यम है, जिन्होंने कोरोना महामारी या अन्य विषम परिस्थितियों में अपने माता-पिता अथवा संरक्षक को खोया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार इन बच्चों की शिक्षा, पोषण और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

योजना के तहत पात्र बच्चों को 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक प्रतिमाह 3,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। विभाग का प्रयास है कि सभी पात्र बच्चों तक यह सहायता समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।

अब तक 1,817 बच्चे योजना से हुए बाहर

मंत्री ने बताया कि जिला स्तरीय समिति की ओर से योजना के तहत कुल 6,544 बच्चों को अनुमोदित किया गया है। सितंबर 2026 में 30 और अक्टूबर 2026 में 23 बच्चों ने 21 वर्ष की आयु पूरी की। योजना शुरू होने से अब तक 1,565 बच्चे 21 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं।

वहीं, मृत्यु, सेवायोजन, माता-पिता के पुनर्विवाह और लाभार्थी के विवाह सहित अन्य कारणों से 252 बच्चे योजना से बाहर हुए हैं। इस प्रकार अब तक योजना से बाहर होने वाले बच्चों की कुल संख्या 1,817 हो गई है।

किस जिले को कितनी धनराशि मिली?

सितंबर और अक्टूबर 2026 में जिलावार वितरित धनराशि इस प्रकार रही:

  • अल्मोड़ा: 17.01 लाख रुपये
  • बागेश्वर: 5.07 लाख रुपये
  • चमोली: 6.06 लाख रुपये
  • चंपावत: 14.76 लाख रुपये
  • देहरादून: 40.70 लाख रुपये
  • हरिद्वार: 34.98 लाख रुपये
  • नैनीताल: 28.29 लाख रुपये
  • पौड़ी गढ़वाल: 26.58 लाख रुपये
  • पिथौरागढ़: 9.30 लाख रुपये
  • रुद्रप्रयाग: 11.16 लाख रुपये
  • टिहरी गढ़वाल: 38.07 लाख रुपये
  • ऊधमसिंह नगर: 37.80 लाख रुपये
  • उत्तरकाशी: 14.16 लाख रुपये

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की शुरुआत कोविड-19 महामारी और अन्य बीमारियों के कारण माता-पिता अथवा संरक्षक को खोने वाले बच्चों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से की गई थी। इसके तहत 1 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच प्रभावित हुए पात्र बच्चों को 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक प्रतिमाह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता और भरण-पोषण भत्ता दिया जाता है।

इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता और डिप्टी सीपीओ राजीव नयन तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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