Rudrapur के जिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि समय पर डॉक्टर और ऑक्सीजन की सुविधा नहीं मिलने के कारण महिला की जान चली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर सात दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
डिलीवरी के बाद बिगड़ी महिला की हालत
जानकारी के मुताबिक सिंह कॉलोनी निवासी ज्योति पांडे पत्नी सौरव मिश्रा को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन डिलीवरी के कुछ समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
परिजनों का आरोप है कि उस दौरान अस्पताल में कोई वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद नहीं था। उनका कहना है कि महिला को समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई और न ही विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा तत्काल उपचार किया गया। आरोप है कि इलाज में लापरवाही और अस्पताल की अव्यवस्था के चलते महिला की मौत हो गई।
अस्पताल में परिजनों का हंगामा
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग गुस्से में आ गए। उन्होंने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों ने कहा कि यदि अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर और जरूरी सुविधाएं मौजूद होतीं, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
समाजसेवी ने भी उठाए सवाल
घटना की जानकारी मिलने पर समाजसेवी Sanjay Thukral भी जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में कई बार ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पातीं, जिसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ता है।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. K. K. Agrawal ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल के CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है।
CMO ने कहा कि समिति को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर फिर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब प्रदेश सरकार लगातार सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर होने का दावा कर रही है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी Subodh Uniyal को सौंपी गई है। हालांकि रुद्रपुर जिला अस्पताल की यह घटना सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है।
