देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (DCWPC) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी ने न केवल योजनाओं की प्रगति जांची, बल्कि कई महत्वपूर्ण मानवीय निर्णय लेकर संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश की।
दिवंगत कर्मी की पुत्री को सहारा जिलाधिकारी ने एक विशेष पहल करते हुए राजकीय शिशु सदन, केदारपुरम में कार्यरत दिवंगत संविदा कर्मचारी स्व. श्रीमती सुनीता सिंह की पुत्री को ₹25,000 की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन सदैव जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ा है और भविष्य में भी ऐसी सहायता प्राथमिकता पर दी जाएगी।
नारी निकेतन के लिए बजट की ऑन-स्पॉट स्वीकृति नारी निकेतन में निवासरत मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों, महिलाओं और किशोरियों के बेहतर उपचार के लिए जिलाधिकारी ने मौके पर ही बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अस्पताल में स्टाफ की कमी को देखते हुए जिला योजना से ‘केयरटेकर’ के पदों के लिए बजट की तत्काल स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर से नर्स स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करें।
पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम सविन बंसल ने पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना के लाभार्थी बच्चों और उनके अभिभावकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए और अधिकारियों से कहा कि हर बच्चे को योजना का लाभ समय पर मिले।
जनपद में बाल संरक्षण की स्थिति जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने अवगत कराया कि देहरादून जनपद में कुल 19 राजकीय और स्वैच्छिक बालगृह संचालित हैं, जिनमें वर्तमान में 275 बच्चे निवासरत हैं। बैठक में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति के कार्यों की भी समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि अक्टूबर 2023 से अब तक कुल 2041 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीएमओ डॉ. मनोज कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल सहित बाल कल्याण समिति के सदस्य और विभिन्न बालगृहों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
