देहरादून, 16 अप्रैल 2026। उत्तराखंड के डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए राज्य सरकार ने डिजिटल बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध विकास एवं अन्य विभागों के मंत्री सौरभ बहुगुणा ने आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में उत्तराखंड कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (यूसीडीएफ) और प्रदेश के सभी दुग्ध संघों में ईआरपी (Enterprise Resource Planning) प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस मौके पर यूसीडीएफ और Tata Consumer Products के बीच बद्री गाय घी और पहाड़ी घी के विपणन को लेकर एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस समझौते से ‘आंचल’ ब्रांड को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
डेयरी सेक्टर में आएगी डिजिटल पारदर्शिता
मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि ईआरपी प्रणाली लागू होने से दुग्ध उपार्जन से लेकर प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी हो जाएगी। इससे दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान, गुणवत्ता में सुधार और योजनाओं का तेज क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
उन्होंने बताया कि डेटा आधारित निर्णय प्रणाली से कार्यकुशलता बढ़ेगी और त्रुटियों में कमी आएगी। सरकार का लक्ष्य है कि अगले छह महीनों में प्रदेश के सभी दुग्ध संघों में यह प्रणाली पूरी तरह लागू कर दी जाए।
‘आंचल’ ब्रांड को मिलेगा राष्ट्रीय विस्तार
टाटा कंज्यूमर्स के साथ हुए समझौते को डेयरी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए मंत्री ने कहा कि इससे ‘आंचल’ उत्पादों की बाजार पहुंच देशभर में बढ़ेगी और किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा।
उत्पादन और भुगतान में सुधार
सरकार ने डेयरी क्षेत्र में तेजी से प्रगति का दावा करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में औसत दैनिक दुग्ध उपार्जन 2.37 लाख लीटर रहा, जबकि अधिकतम 2.97 लाख लीटर प्रतिदिन दर्ज किया गया। आगामी वर्ष के लिए 3.25 लाख लीटर प्रतिदिन का लक्ष्य तय किया गया है।
मंत्री ने निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादकों को भुगतान अधिकतम 14 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए और दुग्ध संघ अपने लाभ का कम से कम 20 प्रतिशत सुरक्षित रखें।
सम्मान और नई घोषणाएं
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चारा एफपीओ को सम्मानित किया गया। वहीं, दुग्ध संघ नैनीताल की तीन महिला दुग्ध उत्पादकों को क्रमशः 25 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये के पुरस्कार दिए गए। हरिद्वार और उत्तरकाशी दुग्ध संघों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अलावा पांच नए बद्री गाय ग्रोथ सेंटर स्थापित करने और ऊधमसिंह नगर के सितारगंज में दुग्ध चूर्ण एवं आइसक्रीम प्लांट लगाने की घोषणा की गई। साथ ही आइसक्रीम ई-पुश कार्ट का भी लोकार्पण किया गया।
सरकार की पहल से किसानों को होगा लाभ
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने इस पहल को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि इससे डेयरी क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
कुल मिलाकर, डिजिटल तकनीक और बड़े कॉर्पोरेट सहयोग के जरिए उत्तराखंड का डेयरी सेक्टर अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के लिए तैयार नजर आ रहा है।
