नई दिल्ली। लोकसभा सत्र के दौरान नैनीताल–उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद Ajay Bhatt ने न्यायपालिका में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के उपयोग को लेकर तारांकित प्रश्न उठाया। उन्होंने विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Arjun Ram Meghwal से पूछा कि देश के न्यायालयों में ई-फाइलिंग की व्यवस्था किस स्तर तक लागू की गई है और Uttarakhand High Court समेत विभिन्न न्यायालयों में इसके माध्यम से कितने मामले दर्ज किए गए हैं।
चरणबद्ध तरीके से लागू हो रही ई-न्यायालय परियोजना
सांसद के प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि न्यायिक प्रणाली में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए e-Courts Mission Mode Project को पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इसके तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, वर्चुअल कोर्ट, ई-फाइलिंग, ई-पेमेंट, न्यायालय अभिलेखों का डिजिटलीकरण और उन्नत केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी कई सुविधाएं शुरू की गई हैं।
न्यायालय रिकॉर्ड का बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण
मंत्री ने बताया कि 31 जनवरी 2026 तक देशभर के न्यायालयों में 660 करोड़ से अधिक पन्नों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जिससे रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और उन्हें तेजी से प्राप्त करने में मदद मिल रही है।
वर्चुअल कोर्ट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा
ट्रैफिक चालानों के ऑनलाइन निपटारे के लिए देश में 30 वर्चुअल कोर्ट स्थापित किए गए हैं। इन अदालतों को अब तक 10.13 करोड़ चालान प्राप्त हुए हैं, जिनमें 1002.73 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
इसके अलावा 3,240 न्यायालय परिसरों और 1,272 जेलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से 3.97 करोड़ से अधिक सुनवाईयां की जा चुकी हैं।
ई-फाइलिंग और डिजिटल भुगतान की व्यवस्था
सरकार ने अदालतों में मामलों की ऑनलाइन फाइलिंग और कोर्ट फीस के डिजिटल भुगतान की सुविधा भी शुरू की है। ई-फाइलिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अब तक लगभग 1.07 करोड़ मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि ई-पेमेंट प्रणाली के माध्यम से 1,404 करोड़ रुपये की कोर्ट फीस और 75 करोड़ रुपये का जुर्माना जमा हुआ है।
न्यायिक डेटा की सार्वजनिक पहुंच
मंत्री ने बताया कि National Judicial Data Grid के जरिए देशभर के न्यायालयों के मामलों से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे मामलों की निगरानी और लंबित मामलों को कम करने में मदद मिल रही है।
उत्तराखंड में ई-फाइलिंग की स्थिति
सरकार के अनुसार ई-फाइलिंग प्रणाली देश के 25 उच्च न्यायालयों और उनके अधीनस्थ जिला न्यायालयों में लागू की जा चुकी है।
13 मार्च 2026 तक Uttarakhand High Court में 341 मामलों की ई-फाइलिंग हुई है, जबकि जिला न्यायालयों में 1,01,854 मामले दर्ज किए गए हैं। इस प्रकार उत्तराखंड में कुल 1,02,195 मामलों की ई-फाइलिंग हो चुकी है।
जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयास
सरकार ने बताया कि ई-फाइलिंग को बढ़ावा देने के लिए न्यायालय कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और ई-सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही ई-कोर्ट सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से वकीलों व वादकारियों को केस की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
