देहरादून। खुद को न्यूज प्लेटफॉर्म का संचालक बताकर एक प्रॉपर्टी कारोबारी को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने और पांच लाख रुपये मांगने के आरोप में देहरादून पुलिस ने अनुज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने आरोपी के बताए बैंक खाते में 50 हजार रुपये जमा कराए थे। वहीं, अनुज अग्रवाल की पत्नी पूजा अग्रवाल ने गिरफ्तारी की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए इसे कथित साजिश बताया है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई और हिरासत के समय को लेकर कई सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस का दावा: खबर चलाने की धमकी देकर मांगे पांच लाख रुपये

पटेलनगर कोतवाली पुलिस के अनुसार, आजाद कॉलोनी, माजरा निवासी तनवीर खान ने 19 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह देहरादून में प्रॉपर्टी का काम करते हैं और चांचक क्षेत्र की एक संपत्ति को लेकर कुछ लोगों से उनका विवाद चल रहा है।

शिकायत के मुताबिक, एक व्यक्ति ने खुद को न्यूज प्लेटफॉर्म का संचालक बताते हुए उनसे संपर्क किया। आरोप है कि उसने प्रॉपर्टी से संबंधित खबरें अपने न्यूज प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। खबरें नहीं चलाने के बदले पांच लाख रुपये की मांग किए जाने का भी आरोप है।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने डर के कारण अनुज अग्रवाल के नाम से बताए गए एक्सिस बैंक खाते में 50 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद कथित तौर पर पूरी रकम नहीं देने पर शिकायतकर्ता को गाली देने और धमकाने का आरोप लगाया गया।

शिकायत के आधार पर पटेलनगर कोतवाली में मुकदमा संख्या 773/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 308(2), 308(4), 351(3) और 352 में प्राथमिकी दर्ज की गई।

ISBT के पास से गिरफ्तारी, तीन मोबाइल और डायरी बरामद

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शिकायतकर्ता से संपर्क करने वाले व्यक्ति की पहचान अनुज अग्रवाल के रूप में हुई। पुलिस ने 19 अक्टूबर की रात पटेलनगर क्षेत्र में आईएसबीटी के पास से उसे गिरफ्तार करने की जानकारी दी है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, डायरी में मोबाइल छिपाने के लिए एक गुप्त जगह बनाई गई थी। आरोप है कि इसके जरिए लोगों के वीडियो गोपनीय रूप से रिकॉर्ड किए जाते थे। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन में कई व्यक्तियों के ऐसे वीडियो मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

पुलिस ने यह भी बताया कि अनुज अग्रवाल पटेलनगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ देहरादून में धोखाधड़ी, मारपीट तथा अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, मध्य प्रदेश, पंजाब, ओडिशा और गुजरात में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है, जिनके संबंध में संबंधित राज्यों से जानकारी जुटाई जा रही है।

पत्नी पूजा अग्रवाल ने गिरफ्तारी की टाइमलाइन पर उठाए सवाल

अनुज अग्रवाल की पत्नी पूजा अग्रवाल ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि उनके पति को 19 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे घर के आसपास से उठाया गया था। परिवार का आरोप है कि उन्हें रात करीब एक बजे गिरफ्तारी की सूचना मिली और इस बीच उनका कोई पता नहीं चल पाया।

पूजा अग्रवाल के मुताबिक, उनके पति ने परिवार को बताया कि उन्हें नया गांव पुलिस चौकी के पीछे स्थित कमरों में रखा गया था और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने शरीर पर चोटें आने का भी दावा किया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हो सकी है।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि यदि अनुज अग्रवाल को सुबह ही हिरासत में ले लिया गया था, तो उसी दिन शाम करीब 7:30 बजे दर्ज प्राथमिकी और उसके बाद गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी के बीच घटनाक्रम क्या था। परिवार ने कथित हिरासत के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल और अनुज अग्रवाल की गाड़ी को लेकर भी सवाल किए हैं।

ब्लैकमेलिंग के आरोपों को लेकर भी पत्नी ने दी दलील

पूजा अग्रवाल ने शिकायत में लगाए गए ब्लैकमेलिंग के आरोपों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि उनके पति को सुबह से ही हिरासत में रखा गया था, तो शिकायतकर्ता से कथित बातचीत और पैसों के लेनदेन की परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि कोई व्यक्ति कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग के लिए अपने नाम से जुड़े बैंक खाते में रकम क्यों मंगवाएगा।

पूजा अग्रवाल ने आशंका जताई कि उनके पति के न्यूज प्लेटफॉर्म की ओर से सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई हो सकती है। उन्होंने हाल में प्रसारित एक ओपिनियन पोल का भी उल्लेख किया। हालांकि, कार्रवाई को राजनीतिक दबाव या साजिश से जोड़ने के उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जांच के बाद स्पष्ट होगा घटनाक्रम

इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी और बरामदगी की जानकारी दी है। दूसरी ओर, आरोपी के परिवार ने हिरासत के समय, कथित मारपीट और पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता और परिवार की ओर से उठाए गए सवालों पर वास्तविक स्थिति जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। पूजा अग्रवाल ने इस मामले में अपने अधिवक्ताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की बात भी कही है।

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