देहरादून, 02 मार्च 2026। हाल ही में कुछ समाचार पत्रों में “पेड़ कटान के विरोध में ‘वादा याद दिलाओ’ रैली” और “अब नहीं कटने देंगे एक भी पेड़” शीर्षक से प्रकाशित खबरों के संदर्भ में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने कहा है कि कैंट मार्ग चौड़ीकरण कार्य के दौरान किसी भी वृक्ष को क्षति नहीं पहुंचाई जा रही है और भविष्य में भी पेड़ों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
प्रथम चरण में बिना वृक्ष क्षति के कार्य जारी
लोक निर्माण विभाग के अनुसार प्रथम चरण में सालावाला पुल से विजय कॉलोनी पुल तक कैंट मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य स्वीकृत योजना के अनुरूप प्रगति पर है। यह कार्य पूरी तरह इस प्रकार से किया जा रहा है कि किसी भी वृक्ष को नुकसान न पहुंचे।
द्वितीय चरण में भी पेड़ों की सुरक्षा प्राथमिकता
द्वितीय चरण के अंतर्गत दिलाराम चौक से सालावाला पुल तक मार्ग चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस चरण में भी डिजाइन और कार्ययोजना इस प्रकार बनाई जा रही है, जिससे एक भी वृक्ष को क्षति न हो।
अधीक्षण अभियंता ने किया स्थलीय निरीक्षण
समाचारों का संज्ञान लेते हुए ओमपाल सिंह, अधीक्षण अभियंता, नवम् वृत्त, लोनिवि, देहरादून द्वारा कार्यस्थल का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्ययोजना के अनुरूप कार्य किया जाए और किसी भी वृक्ष को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे।
रैली में विभागीय पक्ष नहीं लिया गया
01 मार्च 2026 को “सिटिजन फॉर ग्रीन दून” के बैनर तले विभिन्न संगठनों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में कैंट मार्ग पर वृक्षों के संरक्षण की मांग उठाई गई। विभाग का कहना है कि इस विषय में मार्ग निर्माण के संबंध में विभागीय पक्ष का संज्ञान नहीं लिया गया।
लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट रूप से किसी भी वृक्ष कटान की खबर का खंडन किया है।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता
लोक निर्माण विभाग ने कहा है कि पर्यावरण संतुलन की महत्ता को ध्यान में रखते हुए विभाग वृक्षों के संरक्षण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। विभाग ने नागरिकों एवं संस्थाओं को आश्वस्त किया है कि कैंट मार्ग चौड़ीकरण परियोजना का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया गया है, जिससे पेड़ों को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे।
विभाग ने आमजन से अपील की है कि अपुष्ट समाचारों पर विश्वास न करें और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए अधिकृत स्रोतों से ही पुष्टि करें।
