देहरादून, 18 सितंबर 2026। परियोजनाओं के निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने डिग्रेडेड फॉरेस्ट लैंड और नॉन-फॉरेस्ट लैंड का शीघ्र सर्वेक्षण कर रिजर्व लैंड बैंक को अपडेट करने के निर्देश दिए।
भूमि का डाटा तैयार कर पोर्टल पर होगा अपलोड
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित भूमि का विस्तृत डाटा तैयार कर उसकी केएमएल (KML) फाइल बनाई जाए और निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में तकनीकी सहयोग के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ एवं सहायक अभियंताओं की सहायता ली जाए, ताकि कार्य में अनावश्यक देरी न हो।
डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व उप निरीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने और नॉन-फॉरेस्ट लैंड का सर्वेक्षण प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने को कहा। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद उपलब्ध भूमि का विवरण निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अपलोड करने के निर्देश भी दिए।
क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए भूमि उपलब्धता जरूरी
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। इसके लिए रिजर्व लैंड बैंक का अद्यतन और व्यवस्थित होना जरूरी है। इससे वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाने में मदद मिलेगी।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौडियाल सहित वन एवं राजस्व विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
