देहरादून, 24 फरवरी 2026। जनपद में न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित भूमि के अवैध क्रय-विक्रय के गंभीर मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा संज्ञान लेते हुए क्रेता और विक्रेता के खिलाफ थाना शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य की कृषि एवं सरकारी भूमि पर अवैध नजर गड़ाए बैठे भू-माफिया और बिल्डर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी अभिलेख बनाकर कराई गई रजिस्ट्री
जिलाधिकारी के संज्ञान में आया कि मौजा आमवाला तरला स्थित खसरा संख्या 94ख, 134, 135 और 136 की भूमि, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है, उसे कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के आधार पर पंजीकृत कराया गया।

शिकायत में विलेख संख्या 8614/2025 और 8615/2025 का उल्लेख करते हुए बताया गया कि संबंधित भूमि पीएसीएल (पर्ल्स एग्रो टेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड) से जुड़ी प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विक्रेता ने भूमि का वास्तविक विवरण छिपाकर रजिस्ट्री कराई, जो न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है।
प्रकरण में यह भी संकेत मिले हैं कि भूमि का संबंध गोल्डन फॉरेस्ट से जुड़ी परिसंपत्तियों से हो सकता है, जिन पर पूर्व से प्रतिबंध लागू हैं।
दाखिल-खारिज निरस्त करने के निर्देश
डीएम के निर्देश पर रजिस्ट्रार देहरादून और उप जिलाधिकारी सदर को विलेखों की पुनः जांच करने के आदेश दिए गए हैं। यदि इन विलेखों के आधार पर दाखिल-खारिज के आदेश जारी हुए हैं, तो उन्हें तत्काल निरस्त किया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 की धारा 83 के तहत कूटरचना कर पंजीकरण कराने के आरोप में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।
सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की भूमिका भी जांच के घेरे में
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सब-रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, ऋषिकेश सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की तर्ज पर देहरादून रजिस्ट्रार कार्यालय का वृहद निरीक्षण भी शीघ्र किया जा सकता है।
“न्यायालय आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं”
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि लेन-देन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि प्रतिबंधित और विवादित भूमि के अन्य मामलों की भी व्यापक जांच कर भू-माफिया और बिल्डर्स पर सख्त प्रहार किया जाएगा।
