देहरादून। राहुल गांधी के 4 और 5 जून को होने वाले उत्तराखंड दौरे को सफल बनाने के लिए पार्टी स्तर पर लगातार बैठकों का दौर जारी है। कांग्रेस इस दौरे के जरिए पूर्व सैनिकों, युवाओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों के साथ-साथ केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुई अहम बैठक
राहुल गांधी के दौरे की तैयारियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Ganesh Godiyal ने पार्टी मुख्यालय में पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्नल रामरतन नेगी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ लंबी बैठक की। बैठक में राहुल गांधी के कार्यक्रमों, जनसभाओं और पूर्व सैनिकों से संवाद को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस इस दौरे में ‘अग्निवीर योजना’ को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का मानना है कि उत्तराखंड जैसे सैनिक बहुल राज्य में अग्निवीर योजना को लेकर युवाओं और पूर्व सैनिकों के बीच असंतोष है, जिसे कांग्रेस जनता के बीच प्रमुखता से उठाना चाहती है।
कुमारी शैलजा ने ली वर्चुअल बैठक
शाम को कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी Kumari Selja ने जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सभी जिला इकाइयों को भीड़ जुटाने, संगठनात्मक समन्वय और कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके अलावा कुमारी शैलजा ने पार्टी विधायकों के साथ भी जूम बैठक के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान राहुल गांधी के अल्मोड़ा, पौड़ी और देहरादून दौरे को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा हुई।
अल्मोड़ा, पौड़ी और देहरादून में होंगे कार्यक्रम
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक राहुल गांधी अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान अल्मोड़ा, पौड़ी और देहरादून में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद, पूर्व सैनिकों से मुलाकात और जनसभाएं इस दौरे का प्रमुख हिस्सा होंगी।
कांग्रेस इस दौरे को लोकसभा चुनाव के बाद उत्तराखंड में संगठन को मजबूती देने और भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के अवसर के रूप में देख रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी का दौरा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का काम करेगा।
