संवेदनशील स्थलों का बड़े स्तर पर सर्वे, अनधिकृत मीडियन क्रॉसिंग तत्काल बंद करने के निर्देश
ओवरलोडिंग, अनफिट वाहन और ड्रंक एंड ड्राइव पर जीरो टॉलरेंस, सभी विभागों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश
देहरादून, 4 अगस्त: जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों का विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा उनके सुधार के लिए तत्काल डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था, बाधक बिजली के पोल, ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य अवरोधों को हटाने के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत, जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम मजबूत करने तथा बारिश के बाद सड़क मरम्मत कार्य तेजी से शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को आशारोड़ी से डाटकाली टनल तक सड़क सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने, मोड़ों और चौराहों पर सड़क चौड़ीकरण, रम्बल स्ट्रिप, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुरक्षा उपाय शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी अनधिकृत मीडियन क्रॉसिंग तत्काल बंद कराने के आदेश भी जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से चकराता और कालसी क्षेत्र में ओवरलोडिंग, खराब फिटनेस वाले वाहन, नियमित रखरखाव की कमी और ड्रंक एंड ड्राइव को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताते हुए परिवहन विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक सड़क दुर्घटना का सामाजिक और आर्थिक विश्लेषण कराने तथा दुर्घटना स्थलों का तकनीकी निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने सभी स्कूल बसों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के वाहनों की नियमित फिटनेस जांच, परमिट और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बिना हेलमेट वाहन चलाने, सीट बेल्ट का उपयोग न करने और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोर प्रवर्तन कार्रवाई करने को कहा।
जिलाधिकारी ने सड़क किनारे पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, चेतावनी संकेत, सीसीटीवी कैमरे, डिवाइडर, येलो लाइन, स्पीड डिस्प्ले बोर्ड और अन्य सड़क सुरक्षा मानकों को निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यों की प्रगति की प्रत्येक माह समीक्षा की जाएगी ताकि निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात जितेन्द्र चौधरी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, एनएचएआई, नगर निगम तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं सभी उप जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
