देहरादून, 23 जुलाई 2026। जनपद के दिव्यांगजनों को बेहतर पुनर्वास सेवाएं, आधुनिक सुविधाएं और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव शाह की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी), गांधी शताब्दी जिला राजकीय चिकित्सालय, देहरादून की त्रैमासिक जिला प्रबंध समिति (डीएमटी) की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में केंद्र द्वारा पिछले छह माह के कार्यों, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए वर्षभर के संचालन के लिए लगभग ₹25 लाख के वार्षिक बजट को मंजूरी दी गई। साथ ही दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अस्पताल परिसर में उनके द्वारा संचालित कैंटीन स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
छह माह में बने 950 नए यूडीआईडी कार्ड
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि पिछले छह महीनों के दौरान डीडीआरसी के माध्यम से 950 नए यूडीआईडी (UDID) कार्ड बनाए गए, जबकि 95 कार्डों का नवीनीकरण किया गया।
उन्होंने बताया कि केंद्र दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनवाने में सहायता प्रदान करता है। इसके अलावा पात्र लाभार्थियों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग, बैसाखी और ब्रेल किट जैसे सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
मुफ्त मिल रही हैं पुनर्वास सेवाएं
डीडीआरसी में दिव्यांगजनों के लिए कई पुनर्वास सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें—
- फिजियोथेरेपी
- ऑक्यूपेशनल थेरेपी
- स्पीच थेरेपी
- मनोवैज्ञानिक परामर्श
जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार तथा अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
जागरूकता शिविरों पर भी रहेगा फोकस
बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभागों के समन्वय से दिव्यांगजनों को आवश्यक सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही समय-समय पर स्क्रीनिंग और जागरूकता शिविर आयोजित कर दिव्यांगता की प्रारंभिक पहचान तथा लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
₹25 लाख के बजट को मिली मंजूरी
जिला प्रबंध समिति ने वर्षभर के संचालन के लिए लगभग 25 लाख रुपये के वार्षिक बजट को मंजूरी दी। इसके अलावा केंद्र की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए—
- नया कंप्यूटर
- प्रिंटर
- फिजियोथेरेपी के आधुनिक उपकरण
- अन्य आवश्यक सामग्री
की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
दिव्यांगजन चलाएंगे अस्पताल परिसर में कैंटीन
सीडीओ अभिनव शाह ने निर्देश दिए कि गांधी शताब्दी जिला राजकीय चिकित्सालय परिसर में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कैंटीन स्थापित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि इससे दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी को इस संबंध में जल्द प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सोशल मीडिया के जरिए होगा व्यापक प्रचार
मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि डीडीआरसी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क सेवाओं, सहायक उपकरणों और सरकारी योजनाओं का सोशल मीडिया एवं अन्य जनसंचार माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजन इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
बैठक में डीडीआरसी की नोडल अधिकारी ललिता चमोली, डॉ. कपिल पूनिया, राजकीय दून चिकित्सालय एवं राजकीय कोरोनेशन चिकित्सालय के चिकित्सक तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
