चंपावत, 4 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में युवाओं की स्किलिंग, कुक्कुट पालन, विभागीय समन्वय, नजूल भूमि के नियमितीकरण और कर्मचारियों की संपत्ति के विवरण समेत कई विषयों पर फैसले लिए गए।
बनबसा में पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित किए जाने को सरकार की ओर से क्षेत्रीय जरूरतों और स्थानीय मुद्दों को कैबिनेट स्तर पर सामने लाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
युवाओं के लिए 200 करोड़ की स्किलिंग योजना
कैबिनेट ने युवाओं के कौशल विकास के लिए 200 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत स्नातक के बाद रोजगार के लिए जरूरी व्यावहारिक और तकनीकी दक्षताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से विद्यार्थियों को स्किल आधारित कोर्स उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रत्येक सेमेस्टर में छह क्रेडिट के इन पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत नई तकनीकों और रोजगार बाजार की जरूरत से जुड़ी अन्य स्किल शामिल की जाएंगी। उच्च शिक्षा विभाग के तहत संचालित इस पहल से प्रदेश के एक लाख से अधिक छात्रों को लाभ मिलने की बात कही गई है।
पहाड़ के कुक्कुट पालकों को फीड पर सब्सिडी
कैबिनेट ने पहाड़ी क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों को फीड पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। यह सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जाएगी।
सरकार के मुताबिक इस फैसले से करीब 2,000 कुक्कुट पालकों को लाभ मिलेगा। इसके लिए लगभग 2 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विभागों में होगा बेहतर समन्वय
कैबिनेट ने पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विकास विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड करने को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य तीनों क्षेत्रों से जुड़े कार्यों में प्रशासनिक तालमेल को मजबूत करना है।
निजी विश्वविद्यालय के लिए नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने से जुड़े नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पहले 10 एकड़ भूमि की आवश्यकता थी, जिसे बदलकर 20,000 वर्ग मीटर किया गया है। इसके साथ ही 5 करोड़ रुपये के गारंटी फंड को समाप्त करने का फैसला लिया गया है।
नजूल भूमि के नियमितीकरण के लिए चलेगा अभियान
प्रदेश में नजूल भूमि के नियमितीकरण के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। खटीमा, बनबसा और चंपावत के अलावा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौजूद नजूल भूमि के नियमितीकरण की प्रक्रिया भी अभियान के तहत आगे बढ़ाई जाएगी।
कर्मचारियों को देना होगा संपत्ति का विवरण
कैबिनेट ने कर्मचारी आचरण नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बैठक में कर्मचारियों की संपत्ति के विवरण से जुड़े प्रावधानों पर भी निर्णय लिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित अवधि के अनुसार अपनी संपत्ति का विवरण देना होगा।
प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी अब समूह ‘ख’ पद
कैबिनेट ने प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को समूह ‘ख’ में किए जाने को मंजूरी दी है।
डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी
बैठक में डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में बढ़े हुए स्टाइपेंड की नई राशि का उल्लेख नहीं है।
टीडीसी को 66 करोड़ का विशेष पैकेज
कैबिनेट ने टीडीसी के लिए 66 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को भी मंजूरी दी है।
वन विभाग के मामलों के लिए पीएमयू पर चर्चा
वन विभाग से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) गठित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
नरेंद्रनगर में खुलेगा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय
कैबिनेट ने टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
जिलों में कैबिनेट बैठक का बढ़ सकता है दायरा
बनबसा में पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित होने के साथ सरकार की ओर से यह संकेत भी मिला है कि भविष्य में मंत्रिमंडल की बैठकें प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आयोजित की जा सकती हैं। इससे स्थानीय परिस्थितियों, क्षेत्रीय जरूरतों और विकास से जुड़े विषयों को सीधे कैबिनेट के सामने रखने का अवसर मिल सकता है।
