देहरादून, 18 सितंबर। यूनाइटेड किंगडम के शिक्षाविद और प्लायमाउथ यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल के हेड प्रो. इयान रॉबर्ट्स ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी उपलब्ध कराना नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्रों को समस्याओं को समझने, डेटा का सही इस्तेमाल करने और प्रभावी समाधान तलाशने के लिए तैयार करना जरूरी है।

प्रो. इयान रॉबर्ट्स ग्राफिक एरा के मैनेजमेंट के छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय में ‘बदलती दुनिया में वैश्विक कारोबार’ विषय पर आयोजित व्याख्यान माला में उन्होंने एआई के बढ़ते प्रभाव और बदलते कारोबारी परिदृश्य पर विचार साझा किए।

जानकारी से ज्यादा जरूरी उसका सही इस्तेमाल

प्रो. रॉबर्ट्स ने कहा कि एआई के आने से ज्ञान और जानकारी तक पहुंच पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है। ऐसे में छात्रों के लिए यह समझना अधिक महत्वपूर्ण है कि उपलब्ध जानकारी में से सही और उपयोगी जानकारी की पहचान कैसे की जाए।

उन्होंने कहा कि छात्रों में डेटा का विश्लेषण करने और उसके आधार पर समाधान तलाशने की क्षमता विकसित करना जरूरी है। वास्तविक जीवन की चुनौतियों से जोड़कर छात्रों को सीखने के अवसर दिए जाने से उनमें समस्या समाधान के साथ-साथ रचनात्मक सोच भी विकसित होगी।

एआई के साथ मानवीय क्षमताओं की अहमियत

प्रो. इयान रॉबर्ट्स ने कहा कि एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच मानवीय क्षमताओं का महत्व कम होने के बजाय और बढ़ गया है। रचनात्मक सोच, समस्या को समझने और परिस्थितियों के अनुरूप समाधान तलाशने जैसी क्षमताएं छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने छात्रों को बदलते वैश्विक कारोबारी वातावरण के अनुरूप स्वयं को तैयार करने और तकनीक के साथ अपनी विश्लेषणात्मक एवं रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने पर जोर दिया।

व्याख्यान माला का आयोजन ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स की ओर से किया गया। कार्यक्रम में प्रो-वाइस चांसलर डॉ. संतोष एस. सर्राफ, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के हेड डॉ. नवनीत रावत, डॉ. अजय पांडे, डॉ. एमपी सिंह समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *