नई दिल्ली। देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। लाल किले पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने सलामी गारद का निरीक्षण किया।

ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी सहित देश के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को नमन किया। लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

‘अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है देश’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों से बड़े सपने देखने और ऊंचे संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज हर घर तिरंगा और हर मन तिरंगा है। देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है। अब बड़े सपने होने चाहिए।” उन्होंने कहा कि बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य पर निर्भर करती है।

2047 तक विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वर्ष 2047 में देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, तब भारत विकसित राष्ट्र बनकर रहेगा। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक पुरुषार्थ और संकल्प से इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश के अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों के लोगों ने देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और देश के आत्मविश्वास में बड़ा बदलाव आया है।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब दूसरे देशों पर निर्भर रहकर आगे नहीं बढ़ना चाहता। उन्होंने ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और महत्वपूर्ण संसाधनों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को देश की प्राथमिकता बताया।

उन्होंने कहा कि दुनिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और संसाधनों तथा रणनीतिक समुद्री मार्गों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। ऐसे समय में भारत के लिए ऊर्जा और खनिज संसाधनों में आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण है।

परमाणु ऊर्जा में 200 गीगावाट का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े लक्ष्य की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है और पांच नए परमाणु रिएक्टर स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने परमाणु ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक लक्ष्य का भी उल्लेख किया और कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भविष्य के भारत के लिए बेहद जरूरी है।

सेमीकंडक्टर निर्माण में बढ़ी भारत की क्षमता

प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हुई प्रगति को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए कहा कि देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्रों में उत्पादन शुरू हो चुका है और उनका निर्यात भी शुरू हुआ है।

उन्होंने कहा कि आने वाले सात से आठ वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री के मुताबिक सेमीकंडक्टर निर्माण की क्षमता बढ़ाना आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

रेलवे विद्युतीकरण और ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र

प्रधानमंत्री ने रेलवे के विद्युतीकरण को भी अपने संबोधन में प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में रेलवे नेटवर्क के विद्युतीकरण में तेजी आई है। इससे डीजल के आयात में कमी लाने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिली है।

उन्होंने भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन संचालित ट्रेन का भी उल्लेख किया और कहा कि हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में भारत ने अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है।

महिला आरक्षण पर सभी दलों से सहयोग की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण लागू करने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि वे देश की नीति निर्माण प्रक्रिया में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी।

पहली बार लाल किले पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’

80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन हुआ। इस वर्ष राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की विरासत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष आयोजन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब देश ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष मना रहा है, तब लाल किले पर इसका गूंजना विशेष अवसर है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता यात्रा में ‘वंदे मातरम्’ के योगदान को याद किया।

बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित लोगों के प्रति जताई संवेदना

प्रधानमंत्री ने देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

लाल साफे में नजर आए प्रधानमंत्री मोदी

स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पारंपरिक अंदाज में नजर आए। उन्होंने सफेद कुर्ते और चॉकलेट ब्राउन रंग की वास्कट के साथ लाल रंग का पारंपरिक साफा पहना। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री की पगड़ी और साफा हर वर्ष उनके पहनावे का खास आकर्षण रहता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में पहली बार लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित किया था। इसके बाद से उनकी पगड़ियों और साफों के अलग-अलग रंग और डिजाइन स्वतंत्रता दिवस समारोह की पहचान का हिस्सा बन गए हैं।

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