देहरादून। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का सामूहिक गायन हुआ। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया।

स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों और पुलिसकर्मियों का सम्मान

समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। इसके साथ ही फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान 14 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों, वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों और आंदोलनकारियों को भी श्रद्धांजलि दी।

आपदा प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार

मुख्यमंत्री ने हाल में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक जल्द राहत पहुंचाना, घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और जिन लोगों ने घर या आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता देना है।

उन्होंने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव सामग्री पहुंचाने के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल और विद्युत लाइनों को जल्द दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

2026 को बताया ऐतिहासिक वर्ष

सीएम धामी ने कहा कि वर्ष 2026 कई दृष्टियों से ऐतिहासिक है। देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इसी वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती और गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष भी मनाया जा रहा है। उन्होंने विभाजन की विभीषिका में पीड़ा झेलने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी।

2035 तक विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और विभिन्न रोपवे परियोजनाओं का उल्लेख किया। जमरानी, लखवाड़, किशाऊ और सौंग बांध परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किए जाने की बात कही।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास और शीतकालीन यात्रा जैसी पहलों से पर्यटन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है, जबकि इस वर्ष कांवड़ मेले में 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए।

युवाओं और स्टार्टअप पर सरकार का फोकस

धामी ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन के साथ वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी उभर रहा है। युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।

सरकार ने इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, होम-स्टे योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, खेलों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ की जानकारी देते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। पहले चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा और इसके लिए 7 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीते। स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी काम किया जा रहा है।

महिला, किसान और विज्ञान के क्षेत्र में योजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। किसानों को 3 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण और कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी।

उन्होंने कहा कि देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी और एसटीईएम लैब्स जैसी पहलें विज्ञान और तकनीक को बढ़ावा दे रही हैं।

अर्थव्यवस्था और रोजगार पर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित होने और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1,750 होने की जानकारी भी उन्होंने दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे फैसलों का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री धामी ने की 7 बड़ी घोषणाएं

स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

  1. चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।
  2. प्रदेश में पहला ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा।
  3. सीमावर्ती गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  4. वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाकर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
  5. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्यांश 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
  6. 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों के सहयोग से निशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
  7. बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों का विश्वास सरकार के लिए केवल राजनीतिक समर्थन नहीं बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।

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