देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए देहरादून और ऋषिकेश में दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ा एक्शन लिया। देहरादून में लगभग चार बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि ऋषिकेश में बिना स्वीकृति निर्मित हो रहे पांच मंजिला भवन को सील कर दिया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना वैधानिक स्वीकृति के किसी भी प्रकार का भू-विकास या भवन निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

एमडीडीए के अनुसार, देहरादून के सोनिया विहार, नवादा रोड क्षेत्र में बृजेश कुमार, नीलकंठ जोशी, दमयंती कंडवाल, गिरिजा सेमवाल, सुनीता भट्ट और सुरेंद्र सिंह पंवार द्वारा लगभग चार बीघा भूमि पर भू-विन्यास और डिमार्केशन का कार्य कराया गया था। हालांकि, इस प्लाटिंग का तलपट मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया था। जांच में अनधिकृत प्लाटिंग की पुष्टि होने पर उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 (संशोधित) के तहत वाद दर्ज किया गया। नियमानुसार कार्रवाई पूरी होने के बाद एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया।

ऋषिकेश में पांच मंजिला अवैध भवन सील

इसी अभियान के तहत ऋषिकेश के नेगी मोहल्ला, गुमानीवाला क्षेत्र में भावेश जोशी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के भूतल से लेकर चतुर्थ तल तक बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा था। एमडीडीए ने पहले भवन स्वामी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर उत्तराखंड नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 (संशोधित) के तहत पूरे भवन को सील कर दिया।

नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

एमडीडीए अधिकारियों ने कहा कि सुनियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करने और लोगों को अवैध कॉलोनियों व अनधिकृत निर्माण से होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए नियमित अभियान चलाया जा रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी भूखंड की खरीद या भवन निर्माण से पहले संबंधित मानचित्र और आवश्यक स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

बंशीधर तिवारी बोले- नियमों से समझौता नहीं

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित एवं सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति की प्लाटिंग और भवन निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं भी पैदा करता है। किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर अवैध विकास की अनुमति नहीं दी जाएगी और जहां भी अनियमितताएं सामने आएंगी, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने दी चेतावनी

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से संपत्ति खरीदने या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एमडीडीए से आवश्यक स्वीकृतियों की पुष्टि करने की अपील की, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

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