देहरादून। उत्तराखंड में कथित भूमि घोटालों, भू-माफियाओं के बढ़ते प्रभाव और सरकारी भूमि से जुड़े मामलों को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को सचिवालय कूच किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से सचिवालय तक मार्च निकालते हुए राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में सरकारी भूमि आवंटन, खरीद-फरोख्त, भूमि हस्तांतरण, भूमि उपयोग परिवर्तन और भूमि घोटालों के मामलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। पार्टी ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में भूमि संबंधी मामलों में कई विवाद सामने आए हैं, जिनसे प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। उनका कहना था कि सरकारी भूमि के आवंटन और हस्तांतरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा सभी मामलों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों की भूमि के हस्तांतरण और निजी संस्थाओं को दी गई जमीनों की भी समीक्षा की जानी चाहिए। पार्टी ने मांग की कि जिन मामलों में नियमों का उल्लंघन हुआ है, उनमें जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से—
पिछले वर्षों में हुए सभी प्रमुख भूमि आवंटनों, खरीद-फरोख्त और हस्तांतरणों की उच्चस्तरीय जांच।
विभिन्न विभागों की भूमि के हस्तांतरण और निजी संस्थाओं को दिए गए भूखंडों की समीक्षा।
सरकारी भूमि पर हुए कथित नियम-विरुद्ध कब्जों और हस्तांतरणों की जांच।
विवादित भूमि मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई।
पुलिस ने रोका मार्च
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मार्च जैसे ही सचिवालय की ओर बढ़ा, पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेड्स पर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बताया। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार सभी मामलों में नियमों और मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है तथा भूमि से जुड़े मामलों में आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि किसी मामले में अनियमितता सामने आती है तो सरकार जांच कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन को और तेज करेगी। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि सभी मामलों में पारदर्शिता और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।