देहरादून, 5 अगस्त। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में भारतीय संविधान से प्रेरित चित्रों की प्रदर्शनी ‘सौहार्द’ का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लोक गायिका एवं पद्मश्री डॉ. माधुरी बर्थवाल ने कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम् केवल एक विचार नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन है, जो पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की प्रेरणा देता है।”
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में अंकित चित्र और देश की लोक कलाएं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। जब कला और संस्कृति साथ आती हैं, तो समाज में सौहार्द, संवेदनशीलता और राष्ट्रीय एकता का संदेश मजबूत होता है।
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की प्रभारी कुलपति डॉ. तबस्सुम नकवी ने कहा कि संविधान से प्रेरित चित्र भारत की ऐतिहासिक यात्रा और राष्ट्रीय चेतना को सजीव रूप में प्रस्तुत करते हैं। ऐसी प्रदर्शनियां विद्यार्थियों में जिज्ञासा बढ़ाने के साथ उन्हें अपने देश के इतिहास, संस्कृति और संवैधानिक मूल्यों को गहराई से समझने की प्रेरणा देती हैं।
संस्कार भारती, उत्तराखण्ड की प्रदेश अध्यक्ष एवं देहरादून कैंट विधायक सविता कपूर ने कहा कि भारत की संस्कृति और ज्ञान परंपरा हमारी सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और मूल्यों से जुड़कर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संस्कार भारती उत्तराखण्ड के प्रदेश कार्याध्यक्ष डॉ. गिरीश चन्द्र शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने भारतीय कला और संस्कृति के संरक्षण में युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
प्रदर्शनी ‘सौहार्द’ में भारतीय संविधान से प्रेरित 98 चित्रों को प्रदर्शित किया गया है। इन चित्रों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया।
इस प्रदर्शनी का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के विजुअल आर्ट्स विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) और संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। आयोजकों के अनुसार प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को भारतीय संविधान, संस्कृति और कला के प्रति जागरूक करना तथा समाज में सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देना है।
