देहरादून। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए गढ़वाल मंडल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के निर्देशन में मंडल के सभी जिलाधिकारी समन्वित रणनीति के तहत संभावित आपदा परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार विशेष रूप से चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सभी जिलों में आयोजित होंगे मॉक ड्रिल
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जनपदों में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित किए जा रहे हैं। इन अभ्यासों का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता (Quick Response) को और अधिक प्रभावी बनाना है।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर आयोजित होने वाले इन अभ्यासों से आपदा प्रबंधन तंत्र की कार्यक्षमता का आकलन किया जाएगा, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में कम समय में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
आयुक्त ने बताया कि पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), विद्युत, पेयजल तथा अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी विभागों को आवश्यक संसाधन, उपकरण और पर्याप्त मानवबल उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में देरी न हो।
चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी
प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और अन्य संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें यात्री
गढ़वाल प्रशासन ने चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें। खराब मौसम की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
जनहानि रोकने के लिए पूरी तैयारी
प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। विभागों के बीच बेहतर समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई की रणनीति के जरिए गढ़वाल मंडल को हर संभावित आपदा से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है।
