देहरादून, 3 अगस्त: ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में नए शैक्षणिक सत्र के साथ बीटेक इंडक्शन प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर ग्राफिक एरा के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने नए छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि आने वाले चार वर्ष केवल डिग्री प्राप्त करने के नहीं, बल्कि सपनों को दिशा देने, व्यक्तित्व को निखारने और नई पहचान बनाने के होंगे।
डॉ. घनशाला ने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता के संघर्ष और त्याग को कभी न भूलने तथा उसे जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर छात्र में एक विशेष प्रतिभा होती है, जिसे सही दिशा, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच के माध्यम से असाधारण सफलता में बदला जा सकता है।
शिक्षा का लक्ष्य केवल नौकरी नहीं, रोजगार सृजन भी
उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा में शिक्षा केवल डिग्री या नौकरी तक सीमित नहीं है। विश्वविद्यालय छात्रों को उद्योग, शोध, नवाचार और स्टार्टअप से जोड़कर ऐसे युवा तैयार करता है, जो भविष्य में रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार और नए अवसर पैदा करने वाले बनें।
प्रेजेंटेशन के माध्यम से डॉ. घनशाला ने छात्रों और अभिभावकों को ग्राफिक एरा के तीन दशकों से अधिक के सफर, उपलब्धियों और विकास यात्रा से भी परिचित कराया। उन्होंने बताया कि ग्राफिक एरा के पांच छात्र-छात्राएं पिछले ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। साथ ही इस वर्ष बीटेक के एक छात्र को 61.63 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज पर प्लेसमेंट मिलने जैसी उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की।
प्रेरणादायक कविता से बढ़ाया छात्रों का उत्साह
कार्यक्रम के दौरान डॉ. घनशाला ने प्रसिद्ध कवि संतोषानंद की पंक्तियां सुनाकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया—
“तुम साथ ना दो मेरा, चलना मुझे आता है,
हर आग से वाकिफ हूं, जलना मुझे आता है,
तदबीर के हाथों से, तक़दीर बनानी है…”
उन्होंने विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
नए माहौल से परिचित हुए छात्र
स्कूल जीवन से विश्वविद्यालय जीवन में प्रवेश करने वाले नए छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम में टीम आधारित गतिविधियां, इंटरएक्टिव टास्क और प्रेरक सत्र आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों ने एक-दूसरे से परिचय किया, नए मित्र बनाए और विश्वविद्यालय के माहौल को बेहतर तरीके से समझा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण कर अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी, खेल मैदान और अन्य सुविधाओं का अवलोकन किया। कैंपस में नए छात्रों का उत्साह और सुनहरे भविष्य की उम्मीद साफ दिखाई दी। वहीं अभिभावकों ने भी विश्वविद्यालय की अनुशासित व्यवस्था, सुरक्षित वातावरण और शैक्षणिक संस्कृति की सराहना की।
