देहरादून, 31 जुलाई 2026: जिलाधिकारी एवं चिकित्सा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. आशीष चौहान ने जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) देहरादून की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में अस्पताल के घटते राजस्व पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व में कमी के कारणों की विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही पिछले वर्षों के बजट, विभिन्न मदों में हुए खर्च और प्रस्तावित बजट के औचित्य का वर्षवार विश्लेषण तैयार करने को कहा, ताकि अस्पताल के संसाधनों का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में अस्पताल की वित्तीय स्थिति, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, आधारभूत ढांचे के विकास और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला चिकित्सालय आमजन से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है, इसलिए यहां उपलब्ध कराई जाने वाली प्रत्येक सुविधा गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और पारदर्शी होनी चाहिए।

लावारिस मरीजों के लिए रेन बसेरा की व्यवस्था

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए कि अस्पताल में उपचार पूरा होने के बाद लावारिस और निराश्रित मरीजों को अस्पताल परिसर में न छोड़ा जाए। ऐसे मरीजों को सामाजिक सुरक्षा और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए रेन बसेरा या अन्य उपयुक्त आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

38 विकास प्रस्तावों पर हुई चर्चा

बैठक में अस्पताल से जुड़े कुल 38 प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें पुरानी सीवर और ड्रेनेज लाइन की मरम्मत, ऑक्सीजन पोर्ट और एयर प्वाइंट का प्रतिस्थापन, आईसीयू और रिकवरी वार्ड में ऑक्सीजन प्रणाली का उन्नयन, मरीजों के लिए गाउन, गद्दे और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद शामिल रही।

इसके अलावा सिरिंज पंप, मोटराइज्ड बेड, ईसीजी मशीन, पैथोलॉजी उपकरण, गायनी और ऑर्थोपेडिक विभाग के आधुनिक चिकित्सा उपकरण, सीसीटीवी कैमरे, एयर कंडीशनर, कंप्यूटर, प्रिंटर तथा अन्य जरूरी उपकरणों की खरीद के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। अस्पताल परिसर के सौंदर्यीकरण, भवनों की मरम्मत, शौचालयों के नवीनीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, विद्युत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा आवश्यक दवाओं और सर्जिकल सामग्री की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित वित्तीय नियमों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यतेन्द्र सिंह, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, डॉ. जे.पी. नौटियाल, सांसद प्रतिनिधि विनोद खंडूरी, मेयर प्रतिनिधि आशीष नागरथ, समाजसेवी राकेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed