गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) के आसपास बड़े पैमाने पर कृषि भूमि की बिक्री का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Harish Rawat ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण गैरसैंण की मूल पहचान और भविष्य के विकास की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उनकी सरकार ने गैरसैंण के महत्व को देखते हुए यहां भूमि की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगाया था, ताकि भविष्य में राजधानी क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए पर्याप्त भूमि सुरक्षित रखी जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने इन प्रतिबंधों को हटाकर भू-माफियाओं के लिए रास्ते खोल दिए।

सारकोट में भूमि बिक्री से बढ़ी चिंता

जानकारी के अनुसार, भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर से सटे मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में हाल ही में करीब 50 नाली कृषि भूमि की बिक्री का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर यह आशंका भी जताई जा रही है कि आने वाले समय में और बड़े भूमि सौदे हो सकते हैं।

हरीश रावत ने कहा कि गैरसैंण केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जनभावनाओं और राज्य आंदोलन की आकांक्षाओं का प्रतीक है। ऐसे में यदि बड़े पैमाने पर भूमि बिक्री होती रही तो भविष्य में राजधानी क्षेत्र के विस्तार और सरकारी संस्थानों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराना चुनौती बन सकता है।

गैरसैंण के विकास की योजनाओं का किया जिक्र

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में भराड़ीसैंण में विधानसभा निर्माण के साथ-साथ नए नगर के विकास, अधिकारियों के आवास निर्माण और सचिवालय स्थापना की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि सचिवालय से जुड़ी योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की व्यवस्था की गई थी और संबंधित एजेंसियों को विकास कार्यों के लिए अधिकृत किया गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि गैरसैंण के समग्र विकास के लिए विशेष विकास निगम का गठन किया गया था तथा क्षेत्र को अन्य पर्वतीय और मैदानी इलाकों से बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए विभिन्न परियोजनाओं की योजना बनाई गई थी।

कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

उधर, कृषि भूमि की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मोर्चा खोल दिया है। नगर पंचायत गैरसैंण के अध्यक्ष मोहन भंडारी के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भूमि खरीद-फरोख्त पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में गैरसैंण के नियोजित विकास पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

भूमि बिक्री पर बढ़ी राजनीतिक बहस

गैरसैंण लंबे समय से उत्तराखंड की राजनीति और जनभावनाओं का केंद्र रहा है। ऐसे में विधानसभा परिसर से जुड़े क्षेत्रों में भूमि बिक्री के मामलों ने एक बार फिर राज्य में राजधानी, भूमि संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर राज्य सरकार की आगामी नीति और प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई है।

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