देहरादून, 22 जुलाई 2026। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए बुधवार को डोईवाला क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने खेरी रोड स्थित लगभग 5 बीघा भूमि पर बिना वैधानिक स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाई गई सड़कों और अन्य विकास कार्यों को जेसीबी की मदद से हटाया गया।
एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि पर बलविन्दर सिंह द्वारा बिना आवश्यक अनुमतियों के प्लॉटिंग विकसित की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके का निरीक्षण किया, जहां निर्माण और भूमि विकास कार्य नियमों के विपरीत पाए गए। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
अवैध कॉलोनियों पर लगातार सख्ती
एमडीडीए का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों और अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। तेजी से शहरीकरण के बीच अनधिकृत प्लॉटिंग न केवल मास्टर प्लान को प्रभावित करती है, बल्कि भविष्य में सड़क, जल निकासी, बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था में भी गंभीर समस्याएं उत्पन्न करती है। इसी उद्देश्य से प्राधिकरण लगातार ऐसे मामलों की निगरानी कर कार्रवाई कर रहा है।
नागरिकों से की गई अपील
एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड, कॉलोनी या संपत्ति में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें। बिना स्वीकृति विकसित परियोजनाओं में निवेश करने से भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
बंशीधर तिवारी बोले— अवैध प्लॉटिंग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण और प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियां शहर के सुनियोजित विकास को प्रभावित करती हैं और आम लोगों के हितों के साथ भी खिलवाड़ करती हैं।
उन्होंने कहा कि नागरिक किसी भी भूखंड की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृति की जांच अवश्य करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नियमित निरीक्षण कर रहा एमडीडीए
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही है। जहां भी अवैध निर्माण या अवैध प्लॉटिंग की शिकायत मिलती है, वहां तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लॉटिंग करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में ध्वस्तीकरण, सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि यदि कहीं अवैध निर्माण या प्लॉटिंग की जानकारी मिले तो उसकी सूचना एमडीडीए को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
