देहरादून, 9 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र के शास्त्रीनगर-सीमाद्वार में एशियन पब्लिक स्कूल के पीछे स्थित क्षतिग्रस्त नाले के पुनर्निर्माण के लिए तैयार विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) का बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रस्तावित परियोजना की तकनीकी समीक्षा की।
यह नाला अनुराग नर्सरी के समीप मोटर मार्ग से शुरू होकर एशियन पब्लिक स्कूल के पीछे से होते हुए आईटीबीपी के पास स्थानीय नाले में मिलता है और आगे चंद्रबनी के निकट आसन नदी में प्रवाहित होता है। क्षेत्र में लगातार बढ़ती आबादी और तेज शहरीकरण के कारण बरसात के दौरान जल निकासी का पूरा दबाव इसी नाले पर रहता है। वर्तमान में नाले का आकार छोटा होने से जलभराव की समस्या बनी रहती है।
2160 मीटर लंबा बनेगा आरसीसी बैरल नाला
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद तैयार की गई परियोजना के अनुसार लगभग 2160 मीटर लंबाई में आरसीसी बैरल नाले का निर्माण प्रस्तावित है। नाले की चौड़ाई 2.25 मीटर और गहराई 2.40 मीटर होगी, जबकि इसका डिजाइन डिस्चार्ज 20.08 क्यूमेक निर्धारित किया गया है। परियोजना के तहत नाले के दोनों ओर ड्रेनेज और यातायात संबंधी आवश्यक कार्य भी किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जलग्रहण क्षेत्र, वर्तमान जल निकासी व्यवस्था, अवरोधों और आसपास की बस्तियों पर पड़ने वाले प्रभाव का भी जायजा लिया।
स्थानीय सुझावों के आधार पर होगा अंतिम स्वरूप
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि लगभग 14.25 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य सीमाद्वार क्षेत्र में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से प्राप्त सुझावों को भी डीपीआर में शामिल कर परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बिना अनुमति सड़क कटिंग पर सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में बिना सक्षम अनुमति सड़क कटिंग किए जाने की शिकायत भी सामने आई। मौके पर जांच में पाया गया कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना सड़क काटी जा रही थी। मानसून के दौरान लागू प्रतिबंधों को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल कार्य रुकवाया और उपयोग में लाई जा रही मशीन को सीज करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही संबंधित सड़क की शीघ्र मरम्मत, जनसुविधाओं की बहाली और नगर निगम के समन्वय से आवश्यक कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए।
लापरवाही पर होगी विभागीय कार्रवाई
जिलाधिकारी ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने और उत्तरदायित्व तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता महेंद्र सिंह बोरा, अधिशासी अभियंता पुरुषोत्तम, वन विभाग के अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
