देहरादून, 10 जून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने राष्ट्रीय एवं राज्य महत्व की विकास परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने के लिए वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं के सर्वेक्षण एवं क्रियान्वयन के दौरान वन संपदा को न्यूनतम क्षति पहुंचाने का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण आवश्यक है, उनके लिए प्रतिपूरक वनीकरण (सीए) भूमि का समयबद्ध चिन्हीकरण किया जाए, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि आशारोड़ी से झाझरा-मसूरी हाईवे परियोजना के लिए लगभग 110 हेक्टेयर सीए भूमि की आवश्यकता है। इस पर जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों को परियोजना का विस्तृत प्लान प्रस्तुत करने और वन विभाग को संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। वहीं लोक निर्माण विभाग की 14 परियोजनाओं के लिए आवश्यक 68 हेक्टेयर सीए भूमि के संबंध में संबंधित उपजिलाधिकारियों और वन विभाग को भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए।
डॉ. चौहान ने वन भूमि हस्तांतरण एवं सीए भूमि चिन्हीकरण से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिए प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ), उपजिलाधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंताओं की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित और विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
जिलाधिकारी ने तहसीलदारों की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एवं राज्य महत्व की परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि चयन की प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रस्तावित महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भूमि चयन और वन भूमि हस्तांतरण संबंधी मामलों की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें और किसी भी स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में प्रभारी वनाधिकारी चकराता वैभव कुमार, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) समृता परमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, उपजिलाधिकारी रविंद्र जुवांठा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग ओमपाल सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं वन विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उपजिलाधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
