देहरादून, 10 जून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा है कि जनहित से जुड़ी योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों के संबंध में विभागीय वरिष्ठ अधिकारी स्वयं समन्वय स्थापित कर उनकी स्वीकृति और प्रगति सुनिश्चित करें।
डॉ. चौहान ने निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर कोई भी मुख्यमंत्री घोषणा तीन माह से अधिक समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए। जिन विभागों ने अभी तक कार्यदायी संस्थाएं नामित नहीं की हैं, वे तत्काल उनका चयन कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करें। भूमि संबंधी मामलों में संबंधित उपजिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं की मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी को सभी अपूर्ण घोषणाओं के लिए विभागवार समयसीमा तय करने के निर्देश दिए। निर्धारित अवधि में कार्य पूरा न करने वाले विभागों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान सिंचाई विभाग में सर्वाधिक घोषणाएं लंबित पाए जाने और सक्षम अधिकारी की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। साथ ही विभाग द्वारा समुचित जानकारी प्रस्तुत न किए जाने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। भविष्य में सभी अधिकारियों को पूर्ण तैयारी और तथ्यात्मक जानकारी के साथ बैठकों में उपस्थित रहने को कहा गया।
सिंचाई, शहरी विकास, पेयजल, लोक निर्माण विभाग, विद्यालयी शिक्षा, पर्यटन, आवास और समाज कल्याण विभागों में अपेक्षाकृत अधिक घोषणाएं लंबित पाए जाने पर इन विभागों को भी नोटिस जारी कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मुख्य विकास अधिकारी को मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं क्षेत्रीय विकास और जन आकांक्षाओं से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को अपने विभाग से संबंधित घोषणाओं की अद्यतन जानकारी घोषणा पटल पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 से अब तक जनपद में मुख्यमंत्री द्वारा कुल 565 घोषणाएं की गई हैं। इनमें से 353 घोषणाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 76 घोषणाएं अभी अपूर्ण हैं। 10 घोषणाएं आंशिक रूप से पूर्ण हुई हैं और 126 घोषणाओं पर कार्य जारी है।
वर्तमान में गतिमान घोषणाओं में सिंचाई विभाग की 40, शहरी विकास, आवास एवं लोक निर्माण विभाग की 10-10, संस्कृति विभाग की 9, विद्यालयी शिक्षा की 8, पर्यटन विभाग की 7, चिकित्सा विभाग की 5, खेल विभाग की 4 तथा ऊर्जा एवं पेयजल विभाग की 3-3 घोषणाएं शामिल हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एसडीएम रविंद्र ज्वांठा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
