बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों पर कसा शिकंजा, एमडीडीए की जीरो टॉलरेंस नीति जारी
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपना अभियान और तेज करते हुए ऋषिकेश और देहरादून में दो बड़े भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना मानचित्र स्वीकृति और निर्धारित अनुमतियों के किए जा रहे निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
ऋषिकेश में अवैध निर्माण पर चला प्राधिकरण का डंडा
एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले ऋषिकेश क्षेत्र के खैरीकला श्यामपुर में कार्रवाई की। यहां सुनील नामक व्यक्ति द्वारा बिना आवश्यक स्वीकृति के निर्माण कार्य किया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके का निरीक्षण किया, जहां निर्माण नियमों के विपरीत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार भवन को तत्काल सील कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
देहरादून के सुभाष नगर में बहुमंजिला भवन सील
दूसरी कार्रवाई राजधानी देहरादून के सुभाष नगर स्थित पंत मार्ग क्षेत्र में की गई। यहां सविता गहलोत द्वारा निर्मित किए जा रहे बहुमंजिला भवन का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं है।
संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के निर्देश पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन को सील कर दिया। कार्रवाई में सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता और सुपरवाइजर की टीम शामिल रही।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार देहरादून, ऋषिकेश, डोईवाला, रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से शहरी विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों की शिकायतें भी लगातार बढ़ रही हैं।
इसी को देखते हुए प्राधिकरण ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू की है। नियमित निरीक्षण, शिकायतों की जांच और आधुनिक तकनीकों की मदद से अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है। प्राधिकरण का कहना है कि अनियोजित निर्माण भविष्य में यातायात, पार्किंग, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर दबाव पैदा करते हैं, जिससे शहरों की व्यवस्था प्रभावित होती है।
नागरिकों से की गई महत्वपूर्ण अपील
एमडीडीए ने आम नागरिकों, भू-स्वामियों और बिल्डरों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमति निर्माण किए जाने की स्थिति में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
प्राधिकरण ने साफ किया है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा और नियमों के उल्लंघन पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
क्या बोले एमडीडीए उपाध्यक्ष?
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों के कोई भी निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुनियोजित, सुरक्षित और व्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। नागरिक किसी भी निर्माण कार्य से पहले सभी वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।”
