देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नया इतिहास रच दिया है। 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले धामी ने लगातार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इसके साथ ही वह उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने लगातार पांच साल तक सरकार का नेतृत्व किया है।
अब प्रदेश की निगाहें 9 जुलाई 2026 पर टिकी हैं। यदि धामी इस दिन तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहते हैं, तो वह पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ देंगे और उत्तराखंड के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन जाएंगे।
धामी सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में कई बड़े फैसले चर्चा का केंद्र रहे। सरकार ने 27 जनवरी 2025 से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर राज्य को देश का पहला यूसीसी लागू करने वाला प्रदेश बनाया। इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश के सबसे सख्त एंटी कॉपीिंग कानून को लागू किया गया, जिसमें दोषियों के लिए आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया।
सरकार ने अवैध अतिक्रमण, अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ भी सख्त अभियान चलाया। वहीं धार्मिक पर्यटन और आधारभूत ढांचे के विकास को प्राथमिकता देते हुए चारधाम यात्रा, केदारनाथ रोपवे, हेमकुंड साहिब रोपवे और मानसखंड मंदिर माला मिशन जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया।
आर्थिक मोर्चे पर भी सरकार ने राज्य की उपलब्धियों को प्रमुखता से रखा है। सरकार के अनुसार, उत्तराखंड का ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) बढ़कर 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि प्रति व्यक्ति आय लगभग 2.73 लाख रुपये हो गई है। साथ ही नीति आयोग के एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में छोटे राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में भी राज्य का प्रदर्शन देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा।
अब यदि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 9 जुलाई 2026 तक अपने पद पर बने रहते हैं, तो वह पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए उत्तराखंड के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन जाएंगे।
